
बंगाल विधानसभा चुनावों की सरगर्मियां पूरे जोर पर हैं। चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है। इन चुनावों में तृणमूल कांग्रेस और भाजपां के बीच कांटे के मुकाबले की उम्मीद की जा रही है हालांकि दोनों दल ही इन चुनावों को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं।
इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव से पूर्व पहली बार बंगाल के लोगों ने ‘आमार शोनार बांग्ला’की जगह भारतवर्ष हमारा हैं और भारत माता की जय के नारे लगाते हुए दिखाई दिए। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि क्या इसे बदलाव का संकेत माना जाए ।
सवाल ये भी उठा खड़ा हुआ है कि क्या बंगाल में जिस तरह ममता ने लेफ्ट में गढ़ में सेंध लागते हुए 2011 के विधानसभा चुनाव में 184 सीटों पर जीत हासिल की थी । 2016 के विधानसभा चुनाव छह चरण में हुए थे । ममता बनर्जी की टीएमसी ने 293 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, जिनमें से 211 सीटें जीतने में सफल रही थी । ऐसे में ममता बनर्जी की पार्टी के हौसले भी मजबूत हैं ।
इस चुनाव में कांग्रेस और वाम दलों का गठबंधन है । पिछले दिनों एक चुनावी रैली के दौरान कांग्रेस-वामदलों की रैली में जिस प्रकार की भीड़ आई, इसको लेकर चुनावी विश्लेषक अलग तरीके से सोचने पर मजबूर हुए हैं । कांग्रेस एवं वामदलों का बेहतर प्रदर्शन तृणमूल कांग्रेस और भाजपा में से किसे नुकसान पहुंचायेगा, यह एक बड़ा सवाल उत्पन्न हुआ है ।
वहीं, माकपा नेताओं ने दावा किया है कि चुनाव के बाद ममता बनर्जी, भाजपा के सहयोग से सरकार बनाने का प्रयास करेंगी ।
बहरहाल, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी खबरें आई है कि भाजपा केन्द्रीय चुनाव समिति की मीटिंग 4 मार्च की शाम को भाजपा मुख्यालय में होगी । इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह, संगठन मंत्री बीएल संतोष, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, शाहनवाज हुसैन सहित चुनाव समिति के सभी सदस्य मौजूद रहेंगे. बीजेपी अपनी इस मीटिंग में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल के उम्मीदवारों के नाम पर मंथन करेगी और मुहर लगायेगी. माना जा रहा है कि इस मीटिंग में अभी पहले और दूसरे चरण के उम्मीदवारों की लिस्ट पर ही मंथन किया जायेगा.
इससे पहले बीजेपी पश्चिम बंगाल के कोर ग्रुप की बैठक कोलकाता में प्रदेश कार्यालय पर होगी और फिर अगले दिन प्रदेश चुनाव समिति की मीटिंग होगी । इसी तरह बाक़ी राज्यों के प्रदेश चुनाव समितियों की मीटिंग प्रदेश कार्यालयों पर होगी । इन प्रदेश चुनाव समितियों की मीटिंग में 3 से 5 नामों का पैनल फ़ाइनल किया जायेगा और इन पैनल्स को केन्द्रीय चुनाव समिति की मीटिंग में रखा जायेगा ।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस भी इसी सप्ताह अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती है । ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही है कि काफी संख्या में वर्तमान विधायकों को टिकट दिया जायेगा ।

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