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Thursday September 17, 2026
Aryavart Times

संयुक्त राष्ट्र में सुधार के भारत का प्रस्ताव का ‘समर्थन’ करेगा फिजी

संयुक्त राष्ट्र में सुधार के भारत का प्रस्ताव का ‘समर्थन’ करेगा फिजी

भारत में फिजी के उच्चायुक्त कमलेश शशि प्रकाश ने कहा कि पूरी दुनिया संयुक्त राष्ट्र में सुधार की जरूरत को मानती है और फिजी की सरकार इस वैश्विक संस्था में सुधार को लेकर भारत के प्रस्ताव का ‘‘स्वागत और समर्थन’’ करेगी।
प्रकाश ने बताया कि अगला विश्व हिन्दी सम्मेलन फिजी के नांडी में 15-17 फरवरी तक होगा ।
भारत में फिजी के उच्चायुक्त प्रकाश ने बातचीत में कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन के प्रभाव,ऊर्जा से जुड़ी समस्याओं से निपटने एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में फिजी और प्रशांत क्षेत्र के छोटे छोटे देशों की काफी मदद कर सकता है। 
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार को लेकर भारत की मांग के बारे में पूछे जाने पर प्रकाश ने कहा, ‘‘ पूरी दुनिया मानती है कि संयुक्त राष्ट्र में सुधार होना चाहिए । इस पर दुनियाभर में काफी बात चल रही है। फिजी भी इसे काफी गंभीरता से देखता है कि इसमें सुधार होना चाहिए ।’’
उन्होंने कहा कि आर्थिक एवं अन्य किसी भी क्षेत्रों में दुनिया में भारत के कद को देखे तब उसके (भारत के) सुधार प्रस्ताव का फिजी की सरकार बहुत अच्छी तरह से ‘स्वागत’ करेगी । 
फिजी के उच्चायुक्त ने कहा, ‘‘ हमारा समर्थन भारत के प्रति हमेशा रहेगा । ’’
उन्होंने कहा कि इससे उन छोटे छोटे देशों को आवाज मिलेगा जिन्हें संयुक्त राष्ट्र के शुरूआत के बाद से वैसी आवाज नहीं मिल पायी है। 
गौरतलब है कि हाल ही में सिडनी में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार मुश्किल कार्य है, लेकिन इसे किया जा सकता है। उन्होंने साथ ही आगाह किया था कि अगर बिना देर किए सुधारों को अमली-जामा नहीं पहनाया गया तो यह विश्व निकाय 'अप्रासंगिक' बन जाएगा। 
भारत उन अग्रणी देशों में है जो संयुक्त राष्ट्र में लंबे समय से लंबित सुधारों को लागू करने की मांग कर रहा है और जोर देर रहा है कि वह सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का हकदार है।
भारत में फिजी के उच्चायुक्त ने बताया कि इस वर्ष के अंत तक फिजी में आम चुनाव होने वाले हैं और भारत इसके आयोजन में कई तरह से सहयोग कर रहा है। 
ज्ञात हो कि हाल ही में भारत सरकार की विशेष अनुदान के तहत फिजी के चुनाव कार्यालय को चुनाव में उपयोग करने के लिये 5500 बोतल अमिट इंक प्रदान किये गए थे । 
फिजी और भारत के बीच सहयोग के संदर्भ में कमलेश प्रकाश ने कहा कि फिजी और प्रशांत क्षेत्र के छोटे द्वीपीय देशों के लिये जलवायु परिवर्तन एक बहुत बड़ी समस्या है और समुद्र से आने वाली बाढ़ तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिये बड़ी परेशानी पेश कर रहे हैं । 
उन्होंने कहा कि तूफान एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से काफी क्षति होती है और भारत प्रथम सहायता करने वाले देश के रूप में सामने आया है। 
प्रकाश ने कहा, ‘‘ आजकल लचीली आधारभूत ढांचा की बात काफी चल रही है जिसमें भारत की विशेषज्ञता है । इसमें हम सहयोग बढ़ा रहे हैं । ’’
उन्होंने कहा कि फिजी के लिये ऊर्जा एक बड़ी समस्या से जुड़ा विषय है क्योंकि इस क्षेत्र में हमारा आयात बिल काफी होता है और अर्थव्यवस्था पर काफी प्रभाव डालता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे में भारत सौर ऊर्जा सहित अन्य नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में काफी सहयोग कर सकता है और काफी उम्मीद रखते हैं ।







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