34.5c India
Saturday May 09, 2026
Aryavart Times

कोरोना महामारी के प्रबंधन को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर विफलता का आरोप लगाया

कोरोना महामारी के प्रबंधन को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर विफलता का आरोप लगाया

कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में कोरोना महामारी से निपटने में केंद्र सरकार पर कुप्रबंधन और अक्षमता का आरोप लगाया और कहा कि तत्काल सुधारात्मक उपाय नहीं किए गए तो देश को ‘अभूतपूर्व विनाश’ का सामना करते रहना पड़ेगा।

पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बैठक में कहा कि टीकाकरण के लिए आयुसीमा को घटाकर 25 साल किया जाए तथा अस्थमा, मधुमेह और कुछ अन्य बीमारियों से पीड़ित युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगाया जाए।

उन्होंने यह आग्रह भी किया कि सरकार को कोरोना महामारी से निपटने के लिए जरूरी चिकित्सा उपकरणों और दवाओं को जीएसटी से मुक्त करना चाहिए तथा कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाने पर गरीबों को प्रति माह छह हजार रुपये की मदद देनी चाहिए । बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और कार्य समिति के कई अन्य सदस्य शामिल थे।

सीडब्ल्यूसी की बैठक में यह फैसला भी किया गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पार्टी के सुझावों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजेंगे।

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि सोनिया गांधी ने नेताओं और कार्यकर्ताओं से निर्देश दिया है कि वे देश भर में जरूरतमंद लोगों की मदद करें। प्रदेश कांग्रेस कमेटियों से कहा गया है कि वे राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन स्थापित करें ताकि लोगों की मदद की जा सके।

सोनिया ने अपने संबोधन में बड़ी संख्या में लोगों के कोरोना वायरस संक्रमण के चपेट में आने और रोजाना सैकड़ों लोगों की मौत होने पर दुख जताते हुए कहा कि इस संकट की घड़ी में अपना कर्तव्य निभा रहे स्वास्थ्यकर्मियों एवं दूसरे कर्मचारियों को कांग्रेस सलाम करती है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र तथा कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अपनी बैठक का उल्लेख किया और आरोप लगाया कि कई जगहों पर टीकों, ऑक्सीजन और वेंटिलेंटर की कमी हो रही है, लेकिन सरकार चुप्पी साधे है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘सरकार को टीकाकरण के लिए अपनी प्राथमिकता पर पुनर्विचार करना चाहिए और आयुसीमा को घटाकर 25 साल करना चाहिए। अस्थमा, मधुमेह, किडनी और लीवर संबंधी बीमारियों से पीड़ित सभी युवाओं को टीका लगाया जाना चाहिए।’’ 







Start the Discussion Now...



LIVE अपडेट: देश-दुनिया की ब्रेकिंग न्यूज़