
असम में आने वाले चुनाव में क्षेत्रीय एवं जातिगत समीकरण दुरूस्त रखने की कवायद के तहत भाजपा ने राज्य एक राज्यसभा सीट पर एक मार्च को होने वाले उपचुनाव के मद्देनजर सोमवार को बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के पूर्व सांसद विश्वजीत दैमारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया।
दैमारी ने 2020 में बीपीएफ के सदस्य के रूप में राज्यसभा का चुनाव जीता था लेकिन भाजपा और बीपीएफ के संबंधों में आई खटास के बाद उन्होंने नवंबर में उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया था। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए थे। उनके इस्तीफे से खाली हुई सीट पर उपचुनाव हो रहा है। दैमारी का जीतना लगभग तय माना जा रहा है क्योंकि असम विधानसभा में भाजपा के पास आवश्यक संख्या बल है। दैमारी पहली बार 2008 में राज्यसभा पहुंचे थे।
क्षेत्रीय पार्टी बीपीएफ की स्थापना 2005 में हुई थी और इसका मुख्यालय कोकराझार में है। बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद (बीटीसी) के अंतर्गत आने वाले कोकराझार सहित चार जिलों में बीपीएफ का अच्छा खासा प्रभाव माना जाता है।
पिछले साल दिसंबर में 40 सदस्यीय बीटीसी चुनाव में बीपीएफ 17 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी लेकिन इसके बावजूद उसे विपक्ष में बैठना पड़ा। इस चुनाव में यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने2 और भाजपा ने नौ और गण सुरक्षा पार्टी (जीएसपी) तथा कांग्रेस ने एक-एक सीट हासिल की थी।
चुनावी नतीजों के बाद भाजपा ने राज्य के बोडो बहुल क्षेत्रों में स्व-शासी निकाय बीटीसी में शासन करने के लिए जरूरी बहुमत हासिल करने के मकसद से बीपीएफ को छोड़ यूपीपीएल से हाथ मिला लिया था।
गौरतलब है कि भाजपा ने बीपीएफ और अगप के साथ मिलकर 2016 का विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ा था।
असम के वित्त मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को स्पष्ट किया कि राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा का बीपीएफ के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा।

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